बरपाली में रिकॉर्ड 144.5 मिमी बारिश, लीलागर नदी में पुल डूबा, 20 गांवों का टूटा संपर्क
कोरबा।कोरबा जिले में लगातार हो रही झमाझम बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं और कई सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। जिले में 24 घंटे में औसतन 71.5 मिमी तथा 48 घंटे में 101 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सावन के पहले पखवाड़े में यह अब तक की सबसे अधिक वर्षा मानी जा रही है।
बरपाली तहसील में 144.5 मिमी रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई, जबकि पोड़ी-उपरोड़ा में 132.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। भारी बारिश के चलते सोन नदी पर बना एनीकट डूब गया है, जिससे पांच प्रमुख मार्गों पर यातायात ठप हो गया है।
बंद हुए मार्ग, ग्रामीणों को करना पड़ रहा लंबा सफर
- नोनबिर्रा-रामपुर मार्ग लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार करते देखे गए।
- छिंदई नाला, सेद्रीपाली, सिवनी-सुखरीकला मार्ग, तथा जमड़ीनाला में पानी बहने के कारण यातायात ठप है।
- लीलागर नदी का पुल डूब जाने से 20 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है।
- कुदमुरा-बरपाली, चिर्रा-श्यांग, हुकरा नाला, तथा नेवसे-हरदीबाजार मार्ग पर भी पुलों और सड़कों के ऊपर से पानी बहने की वजह से आवाजाही बाधित है।
लोगों को 15 से 20 किलोमीटर अतिरिक्त घूमकर आना-जाना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर ग्रामीण चार फीट ऊंचे पानी में जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं।
बारिश के आंकड़े (तहसीलवार वर्षा – मिमी में)
तहसील वर्षा (मिमी) बरपाली 144.5 पोड़ी-उपरोड़ा 132.6 पासान 97.0 भस्मा 80.0 कटघोरा 75.9 हरदीबाजार 64.4 दीपका 58.3 पाली 57.6 कोरबा 52.5 करतला 35.0 दर्री 30.4 अजगरबहार 30.0
नहरें बंद, दर्री बराज के दो गेट खुले
कोरबा जिले में भारी बारिश के चलते सिंचाई की जरूरत नहीं रह गई है। दोनों मुख्य नहरों के गेट बंद कर दिए गए हैं। यह पहला मौका है जब बरसात के बीच नहरें बंद करनी पड़ीं।
दर्री बराज में जल स्तर बढ़ने के कारण गेट नंबर 4 और 7 खोल दिए गए, जिससे 14,678 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं बांगो बांध में जलभराव 61.30% तक पहुंच गया है, जिसका वर्तमान जल स्तर 352.50 मीटर है।

