कोरबा। जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर ‘नमामि हसदेव सेवा समिति’ ने एक अहम पहल करते हुए कोरबा में रिवर फ्रंट निर्माण की मांग उठाई है। समिति के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री तथा कोरबा विधायक लखनलाल देवांगन एवं कोरबा नगर निगम की महापौर संजू देवी राजपूत को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में दर्री बांध से कुदुरमाल पुल तक हसदेव नदी के दोनों किनारों पर विश्वस्तरीय रिवर फ्रंट विकसित करने की मांग की गई है। समिति ने कहा कि हसदेव नदी न केवल कोरबा की जीवनरेखा है, बल्कि इसका धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्व है।
प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में रिवर फ्रंट निर्माण हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें विभिन्न घाटों का सौंदर्यीकरण, मंदिरों के पास सीढ़ियाँ, रेलिंग और लाइटिंग की व्यवस्था, सांस्कृतिक मंच, प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, वृक्षारोपण, पैदल पथ, सीसीटीवी कैमरे, चेम्बर सिस्टम और एसटीपी जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जनसुविधा केंद्र, बच्चों के लिए झूले-पार्क, पार्किंग व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यालय, गार्ड रूम और सीमांकन बाउंड्री जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी ध्यान देने की मांग की गई है।
समिति ने कहा कि यह रिवर फ्रंट परियोजना न केवल कोरबा के सौंदर्य को निखारेगी बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी पर्यावरणीय और सांस्कृतिक धरोहर भी बनेगी। समिति ने शासन-प्रशासन को इस परियोजना में हरसंभव सहयोग देने की बात भी कही है।
प्रतिनिधिमंडल में समिति के संरक्षक श्रेष्ठ सिंह ठाकुर, अध्यक्ष चन्द्र किशोर श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर पांडेय, उपाध्यक्ष नरेश कुमार अरोरा एवं रवीन्द्र पाराशर, सचिव यशवंत कुमार मिश्रा, संयुक्त सचिव सुखविंदर सिंह धंजल और विजय कुमार राठौर, कोषाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल, आचार्य सह प्रमुख मोहनधर दीवान, पर्यावरण प्रमुख प्रकाश सिंह चाहल,श्री हनुमान चालीसा पाठ प्रमुख अखिलेश भारती एवं सह प्रमुख मनीष मैत्री शामिल थे।

